
मिर्ज़ापुर। मिर्ज़ापुर में लगने वाले 1500 मेगावाट के थर्मल एनर्जी पावर प्लांट से मिलने वाली बिजली और सस्ती हो सकती है। प्लांट में फ्लू गैस डी-सल्फराइजेशन (एफजीडी) संयंत्र नहीं लगाने के आदेश के बाद डेवलपर ने माना है कि इससे 270 करोड़ रुपये की बचत होगी। इसमें और भी कमी हो सकती है यानी प्लांट की लागत में जितनी कमी आएगी, उससे मिलने वाली बिजली की फिक्स्ड कॉस्ट और वैरिएबल कॉस्ट में भी कमी आएगी।
नियामक आयोग ने मिर्जापुर थर्मल एनर्जी पावर प्रोजेक्ट के पावर सप्लाई एग्रीमेंट को मंजूरी देने के लिए दाखिल याचिका पर फैसला सुनाते हुए बिडिंग रूट के तहत मिली दर 5.38 रुपये प्रति यूनिट स्वीकार कर लिया है। यह पावर प्लांट अदाणी ग्रुप द्वारा लगाया जा रहा है। हाल ही में कैबिनेट ने इस प्लांट को मंजूरी दी थी। प्लांट से 2031 तक यूपी को बिजली मिलने लगेगी।







