
गणतंत्र दिवस से ठीक पहले दिल्ली पुलिस ने मेरठ में संचालित हो रही एक अवैध पिस्तौल फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। पांच संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें एक मुजफ्फरनगर का रहने वाला है। एक मेरठ का रहने वाला है और तीन दिल्ली एनसीआर क्षेत्र के रहने वाले हैं। ये लोग दिल्ली एनसीआर, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के अपराधियों को हथियारों की सप्लाई करते थे। फैक्ट्री से 20 पिस्टल और भारी मात्रा में कारतूस बरामद हुए हैं। पुलिस ने मशीनें भी बरामद कर ली हैं। पकड़े गए लोगों के अपराधिक रिकॉर्ड की छानबीन की जा रही है।
दिल्ली पुलिस ने 4 जनवरी को कपासहेरा इलाके से 35 वर्षीय भरत उर्फ भारू को गिरफ्तार किया था। इसके कब्जे से एक देशी पिस्तौल बरामद हुई थी।। पूछताछ में इसने बताया कि पिस्टल इसने मेरठ से लिया था। मेरठ में एक अवैध फैक्ट्री है और वहां पर पिस्टल बनाए जाते हैं। सूचना पर दिल्ली पुलिस मेरठ के कैली गांव पहुंची। बताए गए पते पर छापा मारा तो वहां बड़ी तादाद में पिस्टल बनाए जा रहे थे। पुलिस ने मौके से 20 आधुनिक पिस्तौल बरामद किए और वह मशीनें बरामद की जिनसे पिस्टल बनाई जा रही थी।
इसके साथ ही अब पुलिस को यह जानकारी मिली है कि यह गिरोह हरियाणा उत्तर प्रदेश और एनसीआर में कुख्यात बदमाशों को हथियार सप्लाई कर रहा था।
पुलिस की प्राथमिक जांच पड़ताल में यह पता चला है कि यह लोग गांव में तो सामान्य तरीके से रहते थे लेकिन एक खेत में इन्होंने फैक्ट्री संचालित की हुई थी। गैंगस्टर और अपराधियों से जब इन्हे ऑर्डर मिलता था उसी अनुसार यह पिस्तौल बनाया करते थे। कुछ असलहा पहले से बना कर तैयार रखा जाता था, जो खरीदारों को दिखाया जाता था। पिस्टल को चेक करने के लिए गोलियां भी इनके पास होती थी। पुलिस ने फैक्ट्री से गोलियां भी बरामद की है। पकड़े गए आरोपियों में से उपेंद्र, अशरफ अली और सतीश पर हत्या और गैंगस्टर जैसे कई मामले दर्ज हैं।







