मिर्ज़ापुर। मड़िहान क्षेत्र के गांव से एक ऐसी दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने स्वास्थ्य व्यवस्था और सरकारी दावों की पोल खोलकर रख दी है। 20 जनवरी को एक महिला प्रसव पीड़ा से जूझ रही थी, तब उसे जीवन देने के बजाय सिस्टम ने मौत की ओर धकेल दिया।
सीएचसी में बेड़ा बच्चा कहकर घोरावल स्थित एक प्राइवेट नर्सिंग होम के जाया गया। आपरेशन के लिए तीस हजार रुपए जमा भी करा लिया गया। प्रसूता का बड़ा आपरेशन करते समय लापरवाही के चलते गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो गई। अब जच्चा भी जीवन के लिए संघर्ष कर रही है।
पीड़ित परिवार थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।







