भारत में वायु प्रदूषण अब गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट बन चुका है! वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में इकोनॉमिस्ट गीता गोपीनाथ ने दावा किया कि प्रदूषित हवा से देश में हर साल करीब 17 लाख मौतें हो रही हैं, यानी हर पांच में से एक मौत इसका नतीजा है! जिसका मतलब है कि उनके दावे के अनुसार भारत में रोज़ाना औसतन 4,657 लोग जहरीली हवा के कारण जान गंवाते हैं!







