नई दिल्ली। यूजीसी के “Promotion of Equity Regulations-2026” पर सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल रोक लगा दी है। शीर्ष अदालत ने कहा कि ये प्रावधान prima facie अस्पष्ट हैं और इनके दुरुपयोग की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील दी गई कि ये नियम अनुच्छेद 14 (समानता के अधिकार) का उल्लंघन करते हैं और कानून यह मानकर नहीं चल सकता कि भेदभाव केवल किसी एक वर्ग के खिलाफ ही होगा। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को रेगुलेशंस दोबारा तैयार करने का निर्देश दिया है।
तब तक के लिए इन नियमों के संचालन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। यह फैसला देशभर के विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों के लिए बड़ा और दूरगामी असर डालने वाला माना जा रहा है। ने तत्काल रोक लगा दी है। शीर्ष अदालत ने कहा कि ये प्रावधान prima facie अस्पष्ट हैं और इनके दुरुपयोग की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील दी गई कि ये नियम अनुच्छेद 14 (समानता के अधिकार) का उल्लंघन करते हैं और कानून यह मानकर नहीं चल सकता कि भेदभाव केवल किसी एक वर्ग के खिलाफ ही होगा। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को रेगुलेशंस दोबारा तैयार करने का निर्देश दिया है।
तब तक के लिए इन नियमों के संचालन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। यह फैसला देशभर के विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों के लिए बड़ा और दूरगामी असर डालने वाला माना जा रहा है।







