कार्यों में लापरवाही बरतने पर फार्मासिस्ट को प्रतिकूल प्रविष्टि देने का दिया निर्देश
मिर्ज़ापुर। जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मड़िहान का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उपस्थिति पंजिका का अवलोकन किया गया। एक्सरे जांच में बताया गया कि प्रतिदिन 10 से 12 एक्सरे किया जाता है यह भी बताया कि औसत मासिक मरीज की रजिस्ट्रेशन ओ0पी0डी0 चार हजार के लगभग है। प्रसव के बारे में जानकारी करने पर बताया गया कि महिला रोग विशेषज्ञ डाॅ हर्षिता श्रीवास्तव विगत कई माह से बिना किसी सूचना के अनुपस्थित है एवं वेतन आहरित नहीं किया जा रहा है। स्टाक निरीक्षण के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर प्रयोग में आने वाली कुल 230 दवाओं के सापेक्ष 140 दवाओं का मांग पत्र भेजा जाना बताया गया किंतु मांगे जाने पर 140 दवाओं का मांग पत्र ही प्रस्तुत किया जा सका और न ही 90 दवाइयांे की सूची का मांग पत्र नहीं भेजे जाने के सम्बंध में कोई संतोषजनक उत्तर दिया गया। निरीक्षण के समय वर्तमान स्टाक की स्थिति भी स्पष्ट नहीं की जा सकी। निरीक्षण के समय प्राप्त 140 दवाओं में कौन सी दवा कितनी मात्रा में अवशेष है जिसका भौतिक सत्यापन किया जाना संभव नहीं हो सका यह भी पाया गया कि बड़ी मात्रा में बहुत सारी दवाई आगामी माहो में उनकी तिथि समाप्त होने वाली है जिससे प्रतीत होता है यथा आवश्यकता दवाएं रोगियो को वितरित नहीं की जा रही है दवाओं के साथ-साथ तत्संबंधी अद्यावधिक अभिलेखीय एवं रखरखाव व साफ सफाई व्यवस्था अत्यंत ही खराब पाई गई उपरोक्त पाए गए त्रुटियों से स्पष्ट है कि मुख्य फार्मासिस्ट राजेश सिंह के द्वारा अपने दायित्व्यों का निष्ठा पूर्वक निर्वहन नहीं किए जाने पर जिलाधिकारी ने उन्हें प्रतिकूल प्रविष्टि देने का निर्देश दिया। निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी ने प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केन्द्र का भी निरीक्षण कर आवश्यक दिशा निर्देश दिया। निरीक्षण के समय मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ सी0एल0 वर्मा सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहें।







