लखनऊ। उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बुधवार को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए उत्तर प्रदेश का बजट पेश किया, जिसमें कुल 9.13 लाख करोड़ रुपये का खर्च है, जो पिछले साल के मुकाबले लगभग 12.2 परसेंट ज़्यादा है. बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर, वेलफेयर और ग्रोथ सेक्टर पर ज़ोर दिया गया है, जिसमें पर्यटन और संस्कृति विशेष क्षेत्र के तौर पर उभरे हैं. इसका मकसद उत्तर प्रदेश की पहचान को भारत के स्पिरिचुअल और कल्चरल हार्टलैंड के तौर पर मज़बूत करना है.
टूरिज्म डेस्टिनेशन के तौर पर उत्तर प्रदेश उभर रहा है. जनवरी से जून 2025 तक लगभग 122 करोड़ टूरिस्ट राज्य आए, जिनमें 121 करोड़ से ज़्यादा डोमेस्टिक टूरिस्ट और 33 लाख से ज़्यादा फॉरेन विज़िटर शामिल थे.
टूरिज्म इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए 150 करोड़: यह लगातार बढ़ोतरी अलग-अलग इलाकों में बढ़ते फेथ टूरिज्म, फैमिली ट्रैवल और हेरिटेज इंटरेस्ट को दिखाती है. राज्य भर में टूरिस्ट डेस्टिनेशन के डेवलपमेंट के लिए चीफ मिनिस्टर टूरिज्म डेवलपमेंट स्कीम के तहत 500 करोड़ रुपये का प्रस्ताव किया गया है. अयोध्या फोकस में बना हुआ है, जिसमें उत्तर प्रदेश श्री अयोध्या तीर्थ विकास परिषद के ज़रिए टूरिज्म इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए 150 करोड़ रुपये प्रपोज़ किए गए हैं.
टूरिस्ट सुविधाएं बढ़ाने पर जोर: रिलीजियस टूरिज्म सर्किट को नए सिरे से बढ़ावा देते हुए नैमिषारण्य तीर्थ विकास परिषद के ज़रिए नैमिषारण्य इलाके में टूरिज्म इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए 100 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं. इसी तरह ब्रज तीर्थ विकास परिषद के तहत मथुरा में भी विकास के कामों का प्रस्ताव है जिससे ब्रज क्षेत्र में तीर्थयात्रा और फैमिली टूरिज्म को मजबूत किया जा सके.
बजट में विंध्यवासिनी देवी धाम और वाराणसी में टूरिस्ट सुविधाओं को बढ़ाने के लिए 100-100 करोड़ रुपये का भी प्रस्ताव है, जिससे वाराणसी मिर्जापुर बेल्ट एक बड़े आध्यात्मिक और सांस्कृतिक टूरिज्म जोन के तौर पर और मजबूत होगा.
5000 नए होमस्टे बनाना लक्ष्य: इन प्रावधानों से तीर्थयात्रियों, परिवारों और अंतरराष्ट्रीय टूरिस्टों के लिए कनेक्टिविटी और सुविधाओं में और सुधार होने की उम्मीद है. इसके अलावा सरकार पूरे राज्य में होमस्टे नेटवर्क को बढ़ाने की दिशा में काम करेगी, जिसका लक्ष्य 5000 नए होमस्टे बनाना है. बलरामपुर के इमिलिया कोडर में थारू जनजाति संस्कृति संग्रहालय का निर्माण और उद्घाटन किया गया है, जो आदिवासी विरासत को दिखाता है.
बटेश्वर में कल्चरल कॉम्प्लेक्स बनाया गया: वाराणसी के रामनगर में, पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के पैतृक घर पर एक म्यूज़ियम बनाया गया है और उसे आम लोगों के लिए खोल दिया गया है. भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के पैतृक गांव बटेश्वर में एक कल्चरल कॉम्प्लेक्स भी बनकर तैयार हो गया है और उसका उद्घाटन भी हो गया है.
लखनऊ के ऐशबाग में भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर मेमोरियल और कल्चरल सेंटर का कंस्ट्रक्शन चल रहा है. इसके अलावा प्रयागराज में एक निषादराज गुहा कल्चरल सेंटर बनाया गया है, जो अलग-अलग सामाजिक और सांस्कृतिक परंपराओं को मनाने की राज्य की कोशिशों को दिखाता है.
क्या बोले पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री: पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि टूरिस्ट की संख्या में तेज़ बढ़ोतरी उत्तर प्रदेश की जगहों पर बढ़ते भरोसे और विश्वास को दिखाती है. वाराणसी में 2024 में लगभग 11.01 करोड़ विज़िटर थे जो 2025 में बढ़कर 17.30 करोड़ से ज़्यादा हो गए. अयोध्या में 16.44 करोड़ से ज़्यादा से 29.95 करोड़ से ज़्यादा, मथुरा में लगभग 9.01 करोड़ से 10.24 करोड़ से ज़्यादा, जबकि प्रयागराज में महाकुंभ 2025 के दौरान 66 करोड़ से ज़्यादा भक्तों के साथ अभूतपूर्व उछाल देखा गया.
माघ मेले में 21 करोड़ श्रद्धालु पहुंचे: मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि 2026 में चल रहे माघ मेले में पहले ही 21 करोड़ से ज़्यादा भक्त आ चुके हैं, जो लगातार विश्वास और भागीदारी को दिखाता है. इसी दौरान मिर्ज़ापुर में 1.41 करोड़ से ज़्यादा से 2.10 करोड़ से ज़्यादा, और चित्रकूट में 1.18 करोड़ से ज़्यादा से 3.65 करोड़ से ज़्यादा हो गए
इकॉनमी-रोज़गार को बढ़ावा मिलेगा: मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि अयोध्या, नैमिषारण्य, वाराणसी, विंध्याचल, मथुरा और प्रयागराज पर बढ़ा हुआ बजट टूरिस्ट सुविधाओं को और मज़बूत करेगा. विज़िटर को सुविधा मिलेगी. एवरेज स्टे दो तीन दिन से बढ़कर लगभग एक हफ़्ते का हो जाएगा, जिससे पूरे राज्य में लोकल इकॉनमी और रोज़गार को बढ़ावा मिलेगा. टूरिज्म सर्विसेज़ में महिलाओं की ज़्यादा भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए सरकार लाइसेंस फ़ीस माफ़ कर देगी.






