बागपत। बागपत में चाची और भतीजे ने शादी कर ली। थाने के बाहर एक-दूसरे को वरमाला पहनाई और अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लिए। यह सब महिला के पति की मर्जी से हुआ। पति का कहना है कि पत्नी खाने में नींद की दवा मिलाकर मुझे और बच्चों को सुला देती थी और भतीजे के पास चली जाती थी।
उसने कहा- अगर वह शादी नहीं कराता, तो मुझे मेरठ की मुस्कान की तरह मारकर नीले ड्रम में भर देती। अब मेरा पत्नी से कोई लेना-देना नहीं है। पत्नी ने मुझे मुंह दिखाने लायक नहीं छोड़ा। अब मैं अपने बच्चों को लेकर कहीं और चला जाऊंगा।
शादी के बाद चाची-भतीजा घर नहीं गए। घरवालों का कहना है कि दोनों दूसरे शहर चले गए। 28 साल की महिला की शादी 8 साल पहले हुई थी। 5 साल से उसका 22 साल के भतीजे से अफेयर चल रहा था। मामला दोघट थाना क्षेत्र का है।







