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महाराष्ट्र महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर ने दिया इस्तीफा, बाबा अशोक खरात से संबंध के हैं आरोप

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मुंबई। कैप्टन अशोक खरात विवाद में फंसी एनसीपी नेता रूपाली चाकणकर ने शुक्रवार को महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देशों के बाद, उन्होंने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार से उनके सरकारी आवास ‘देवगिरी’ पर मुलाकात की और उसके कुछ ही देर बाद अपना इस्तीफा सौंप दिया.

 

इससे पहले, फडणवीस ने उन्हें अपने आवास ‘वर्षा’ पर बुलाया था और उन्हें तुरंत पद छोड़ने का निर्देश दिया था. ये निर्देश नासिक से स्वयंभू बाबा कैप्टन अशोक खरात की गिरफ्तारी के दो दिन बाद आए, जिन पर यौन उत्पीड़न और बलात्कार के आरोप थे.

चकांकर नासिक ज़िले के सिन्नर में स्थित ‘श्री शिवनिका संस्थान’ की ट्रस्टी हैं, जिसके अध्यक्ष खरात हैं. मुख्यमंत्री का यह निर्देश तब आया जब एक वीडियो सामने आने के बाद काफी विरोध हुआ, जिसमें वह खरात के पैर धोते हुए दिखाई दे रही थीं.

 

इस्तीफा पत्र के अनुसार, रूपाली चाकणकर ने व्यक्तिगत कारणों से स्वेच्छा से इस्तीफा देने की बात कही गई है. पत्र में आगे लिखा गया, “आज तक मुझ पर विश्वास दिखाकर आपने मुझे जो हर संभव सहयोग दिया है, उसके लिए मैं आपकी और सभी सहयोगियों की हृदय से आभारी हूं. भविष्य में भी आपका ऐसा ही सहयोग बना रहेगा, ऐसा मुझे विश्वास है. अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि आप मेरा महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग अध्यक्ष पद का इस्तीफा स्वीकार करें.”

मुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र महिला आयोग की प्रमुख से मांगा था इस्तीफा

फडणवीस ने खरात के खिलाफ लगे आरोपों की जांच के लिए पहले ही एक ‘विशेष जांच दल’ (एसआईटी) गठित करने का आदेश दे दिया है. इन आरोपों में बार-बार यौन हमला करना और कई महिलाओं के निजी पलों के वीडियो बनाना शामिल है.

 

शुक्रवार शाम को, चकाणकर ने महाराष्ट्र के डीजीपी सदानंद डेट को एक पत्र भेजा, जिसमें उन्होंने मामले की पूरी, समय-सीमा के भीतर और निष्पक्ष जांच करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि आयोग इस मामले पर नजर रखे हुए है और उन्होंने नासिक के पुलिस कमिश्नर से कहा है कि वे आयोग को इस मामले से जुड़ी हर जानकारी से अवगत कराते रहें. विभिन्न दलों के नेताओं ने, जिनमें उनकी अपनी पार्टी की सहयोगी रूपाली ठोंबरे पाटिल और शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत भी शामिल हैं, मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए चकाणकर के तत्काल इस्तीफे की मांग की है.

 

एनसीपी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. वहीं एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने बाद में कहा कि सरकार इस मामले में एक मजबूत रुख अपनाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करेगी, जबकि पार्टी भी इस मामले की निष्पक्ष जांच का समर्थन करेगी.

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