वाराणसी। एक घर में खाना बनाते समय गैस सिलेंडर फटने से पूरा मकान ढह गया। इसमें ओम कुमार चौधरी (31) और उनकी बहन प्रीति उर्फ लक्ष्मी (28) की जान चली गई। मां गिरजा देवी (60) और बड़ा बेटा अमन कुमार चौधरी (36) ट्रामा सेंटर में एडमिट हैं। 24 मार्च को लहरतारा इलाके में हुए हादसे के बाद इलाके में मातम पसरा है। उन्होंने बताया कि गिरजा देवी के पति आत्मा प्रसाद की 3 साल पहले मौत हो चुकी है। उनका छोटा बेटा ओम कार ड्राइवरी करता था।
वहीं, बड़ा बेटा अमन कैंट स्टेशन के पास पानी की डिलीवरी का काम करता है। दोनों की कमाई से ही घर चल रहा था। बड़े बेटे अमन ने शादी करने से मना कर दिया था। इसके बाद गिरजा देवी ओम और प्रीति के लिए रिश्ता ढूंढ रही थीं।
ओम के लिए कई लड़कियां देखीं, लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था। हादसे में उसकी मौत हो गई।
भतीजी बोली- घर में शादी की तैयारी चल रही थी पड़ोस में रहने वाली गिरजा देवी की भतीजी चंदा ने बताया- हम लोग सो रहे थे। तभी धमाके की आवाज सुनकर नींद टूटी। दौड़कर बाहर आए तो देखा कि बड़ी मम्मी का घर गिर गया था। तब तक पड़ोस के लोग भी आ गए। लोगों से कहा कि खोजिए घरवाले कहां हैं? फिर हमने पुलिस बुलाई। बिजली का कनेक्शन काटा।
चंदा बताती है- बड़ी मम्मी के दो बेटे थे। अमन और ओम भैया। अमन भैया काफी कमजोर हैं। बड़ी मां ने उनसे शादी के लिए पूछा, तो उन्होंने मना कर दिया था। इसीलिए वह ओम भैया के लिए रिश्ता खोज रही थीं। ओम भैया के लिए उन्होंने एक-दो लड़कियां भी देखी थीं। शादी की तैयारी चल रही थी, लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था।
रिश्तेदार बोले- बेटी प्रीति की डोली उठाने के अरमान थे गिरजा देवी ट्रामा सेंटर में एडमिट हैं। उनके एक रिश्तेदार ने ऑफ कैमरा बताया- प्रीति की शादी के लिए भी गिरजा देवी परेशान थीं। बार-बार कहती थीं, ‘ओम की शादी कर देब तो फिर प्रीति का हाथ पीला करब।’ लेकिन आज एक साथ वही बेटा और बेटी काल के गाल में समा गए। जिनके ऊपर उन्हें भरोसा था कि वो उनके बुढ़ापे का सहारा बनेंगे।
चचेरा भाई बोला- मलबे में भइया और दीदी दबे थे अमन के चचेरे भाई रोहित ने बताया- मेरे बड़े पिताजी की कैंट स्टेशन के पास कुछ साल पहले तक कॉपी-किताब की दुकान थी। उनकी डेथ साल- 2023 में हुई थी। आज सुबह अचानक करीब साढ़े 7 बजे धमाका हुआ। हम लोग सो रहे थे। बाहर निकले तो हर तरफ धूल ही धूल थी। धूल हटी तो मलबे में 2 लोग दिखाई दिए। ये अमन और प्रीति थे, लेकिन दोनों की मौत हो चुकी थी।
चाची गली में बैठकर रोती रहीं
ओम और प्रीति की चाची और उनकी बेटियां बिलख-बिलख कर रोती रहीं। मोहल्ले की औरतों ने बताया- गिरजा देवी बहुत मिलनसार हैं। बच्चे भी लोगों से घुल मिलकर रहते हैं। आज होनी को शायद यही मंजूर था।






