प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह विचार ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘विकसित भारत @2047’ के विजन को बहुत ही गहराई से स्पष्ट करता है।
पीएम मोदी अक्सर कहते हैं कि किसी भी राष्ट्र का विकास केवल संसाधनों से नहीं, बल्कि उसके नागरिकों के इच्छाशक्ति (Willpower) और आत्मविश्वास से होता है। अगर देशवासियों को अपनी क्षमताओं पर भरोसा है, तो हम बड़ी से बड़ी बाधा को पार कर सकते हैं।
यह संदेश विशेष रूप से युवाओं के लिए है। चाहे स्टार्टअप्स हों, खेल हों या विज्ञान (Space Science), भारत का बढ़ता हुआ आत्मविश्वास ही उसे वैश्विक मंच पर एक ‘विश्व मित्र’ और अग्रणी शक्ति बना रहा है।
विकसित भारत का लक्ष्य केवल सरकार का नहीं है, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का साझा सपना है। जब हर नागरिक यह विश्वास करने लगेगा कि “मैं भारत को विकसित बना सकता हूँ”, तभी वह शक्ति धरातल पर बदलाव लाएगी।







