दिल्ली। संसद में सांसद राघव चड्ढा ने मिलावटखोरी का जो काला चिट्ठा खोला है, उसे सुनकर आपकी रूह कांप जाएगी। बाज़ार में ‘प्योर’ लेबल के पीछे क्या-क्या बिक रहा है?
राघव चड्ढा ने संसद में मिलावटखोरी की पूरी लिस्ट पढ़ दी। यह हर घर की कहानी है और हर भारतीय की सेहत का सवाल है।
हालात यह हैं कि आप दूध खरीदो तो उसमें यूरिया मिलता है, सब्जियां खरीदें उसमें ऑक्सीटोसिन है।
पनीर के अंदर स्टार्च और कॉस्टिक सोडा है, आइसक्रीम में डिटर्जेंट पाउडर मिलता है।
फ्रूट जूस में सिंथेटिक फ्लेवर और आर्टिफिशियल कलर, एडिबल ऑयल में मशीन ऑयल और गरम मसालों में ईंट का पाउडर और लकड़ी का चूरा।
चाय में सिंथेटिक कलर, चिकन और पोल्ट्री आइटम में एनाबॉलिक स्टेरॉइड्स, शहद में शुगर सिरप और येलो डाई। यहां तक कि देसी घी में जो मिठाई बननी चाहिए वह भी वेजिटेबल ऑयल और वनस्पति से बनती है। मुनाफाखोरों की तिजोरी भर रही है, और आम आदमी की सेहत गिर रही है।







