नेपाल की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है. राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के नेता बालेंद्र शाह ‘बालेन’ ने शनिवार को चार बार के प्रधानमंत्री रहे पी. शर्मा ओली को बड़े अंतर से हराकर नई सरकार बनाने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाया है. यह चुनाव पिछले साल हुए हिंसक ‘जेन जेड’ प्रदर्शनों के बाद कराया गया था, जिनमें युवाओं ने राजनीतिक बदलाव और भ्रष्टाचार मुक्त शासन की मांग उठाई थी. इन चुनावों में पारंपरिक दलों को बड़ा झटका लगा है. वहीं इस जीत के साथ ही बालेन शाह निचले सदन यानी प्रतिनिधि सभा में पहुंच गए हैं और उनके प्रधानमंत्री बनने का रास्ता भी लगभग साफ हो गया है. रैपर से राजनेता बने बालेन, जिन्हें आरएसपी ने प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया था, उन्होंने झापा-5 सीट से नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एकीकृत मार्क्सवादी-लेनिनवादी) यानी सीपीएन-यूएमएल के अध्यक्ष ओली को लगभग 50 हजार वोटों के अंतर से हराया. निर्वाचन आयोग के मुताबिक 35 वर्षीय बालेन को 68,348 वोट मिले, जबकि 74 वर्षीय ओली को 18,734 वोट ही प्राप्त हुए.
ओली ने दी बधाई
नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने शनिवार को हालिया संसदीय चुनाव में जीत हासिल करने पर बालेन शाह को बधाई दी. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में ओली ने शाह को जीत की शुभकामनाएं देते हुए उनके सफल कार्यकाल की कामना की. उन्होंने लिखा, ‘बालेन बाबू, जीत के लिए आपको बधाई! आपका पांच साल का कार्यकाल सुचारु और सफल रहे- हार्दिक शुभकामनाएं.‘ ओली ने 2022 की एक तस्वीर भी साझा की, जिसमें वह बालेन को तबला भेंट करते नजर आ रहे हैं. यह तस्वीर उस समय की है जब बालेन ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर काठमांडू के मेयर का चुनाव जीता था. पार्टी बोली- बालेन ही होंगे अगले पीएम
राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) ने चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है. पार्टी नेताओं ने बार-बार यह भरोसा दिलाया है कि प्रधानमंत्री पद को लेकर पार्टी के भीतर किसी तरह का मतभेद नहीं है. पार्टी के प्रथम उपाध्यक्ष डीपी अर्याल ने कहा कि मतदाताओं ने पार्टी के शीर्ष नेताओं रवि लामिछाने और बालेन शाह पर भरोसा जताया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि संसदीय दल के नेता और भविष्य के प्रधानमंत्री बालेन शाह ही होंगे.
2022 में ही बालेन ने किया था कमाल
साल 2022 में एक संरचनात्मक इंजीनियर, काले आयताकार चश्मे के लिए मशहूर और अंडरग्राउंड रैप संगीत से जुड़े रहे बालेन शाह ने नेपाली राजनीति में बड़ा उलटफेर कर दिया था. उन्होंने स्थापित राजनीतिक दलों को पीछे छोड़ते हुए काठमांडू के मेयर का चुनाव जीत लिया था. निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर ‘लाठी‘ चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ते हुए बालेन को 61,767 वोट मिले थे. उन्होंने नेपाली कांग्रेस की सृजना सिंह को हराया था, जिन्हें 38,341 वोट मिले थे, जबकि सीपीएन-यूएमएल के उम्मीदवार और राजधानी के पूर्व मेयर केशव स्थापित को 38,117 वोट प्राप्त हुए थे. अब, महज चार साल बाद, 35 वर्षीय बालेन शाह केवल स्थानीय स्तर के नेता नहीं रह गए हैं, बल्कि वह देश के इतिहास के सबसे कम उम्र के प्रधानमंत्रियों में से एक बनने की ओर बढ़ रहे हैं.
नेपाल चुनावों पर भारत की थी करीबी नजर
इस चुनाव पर भारत भी करीबी नजर बनाए हुए था और उम्मीद कर रहा था कि राजनीतिक रूप से अस्थिर रहे इस हिमालयी देश में एक स्थिर सरकार बनेगी, जिससे दोनों देशों के बीच विकास सहयोग को आगे बढ़ाया जा सके. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नेपाल की जनता और सरकार को चुनावों के सफल आयोजन के लिए बधाई दी.







