मिडिल ईस्ट (Middle East) में जारी भीषण युद्ध और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आए 12% के जबरदस्त उछाल आया है. अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड और WTI क्रूड $90 प्रति बैरल के पार जा चुके हैं. ऐसी स्थिति में आमतौर पर पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ जाते हैं, लेकिन भारत सरकार की तेल सुरक्षा रणनीति ने फिलहाल कीमतों को काबू में रखा है.
भारत सरकार और सरकारी तेल कंपनियों ने आम आदमी की जेब पर अतिरिक्त बोझ नहीं डालने का फैसला किया है. सरकारी सूत्रों के हवाले से शनिवार को ही यह साफ कर दिया गया था कि देश में तेल का पर्याप्त भंडार है और फिलहाल कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की जाएगी.
देश के पास तेल का पर्याप्त स्टॉक पोजीशन है, जिससे अगले कुछ हफ्तों तक कीमतों को स्थिर रखने में मदद मिलेगी.







