मिर्ज़ापुर। जनपद में इन दिनों परीक्षा कम और “प्रशासनिक थ्रिलर” ज्यादा चल रही है। माँ विन्ध्यवासिनी विश्वविद्यालय की सम-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान के०बी०पी०जी० कॉलेज में ऐसा घटनाक्रम हुआ कि अब शिक्षक संघ ने मोर्चा खोल दिया है। मामला इतना बढ़ गया कि प्राध्यापकों ने काली पट्टी बांधकर विरोध करने और फिर धरना-प्रदर्शन तक की चेतावनी दे डाली है। महाविद्यालय जनपदीय शिक्षक संघ, मीरजापुर द्वारा कुलपति को भेजे गए पत्र में आरोप लगाया गया है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने शासन के निर्देशों को किनारे रखकर स्नातक सम-सेमेस्टर परीक्षा भी ओएमआर शीट पर कराना शुरू कर दिया है। शिक्षक संघ का कहना है कि जब पहले ही विषय सेमेस्टर की परीक्षा ओएमआर पर हो चुकी है, तो दोबारा वही प्रयोग छात्रों के भविष्य के साथ “तकनीकी जुआ” खेलने जैसा है।
सबसे दिलचस्प और चिंताजनक बात ओएमआर शीट के डिजाइन को लेकर सामने आई। आरोप है कि छात्रों के अनुक्रमांक 13 अंकों के हैं, लेकिन ओएमआर शीट में भरने के लिए सिर्फ 12 कॉलम दिए गए हैं। अब सवाल यह उठ रहा है कि एक अंक आखिर “त्यागपत्र” देगा या फिर कम्प्यूटर खुद ध्यान लगाकर रोल नंबर समझेगा? शिक्षक संघ का दावा है कि इससे मूल्यांकन और परीक्षाफल पर गंभीर असर पड़ सकता है। लेकिन असली बवाल तब हुआ जब कुलपति विश्वविद्यालयी टीम और सुरक्षा गार्ड के साथ औचक निरीक्षण पर कॉलेज पहुंचीं। इसी दौरान वरिष्ठ प्रोफेसर अशोक कुमार सिंह चन्देल ने परीक्षा व्यवस्था और ओएमआर की खामियों पर सवाल उठाए। आरोप है कि चर्चा के बीच सुरक्षा गार्ड ने प्रोफेसर के साथ अभद्र व्यवहार किया, अपशब्द कहे और उनके हाथ से मोबाइल फोन छीनकर अपने साथ ले गया। इस घटना ने पूरे शिक्षक समुदाय को आक्रोशित कर दिया।
शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रो० राजमोहन शर्मा और महामंत्री रतनेश कुमार ने कहा कि यह केवल एक प्रोफेसर का नहीं, बल्कि पूरे शिक्षक समाज की गरिमा का प्रश्न है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि 20 मई तक संबंधित सुरक्षा गार्ड पर कार्रवाई नहीं हुई, तो 21 मई से शिक्षक धरना-प्रदर्शन करेंगे।
फिलहाल मीरजापुर में परीक्षा से ज्यादा चर्चा इस बात की हो रही है कि विश्वविद्यालय में “कॉपी जांच” पहले होगी या फिर “व्यवहार जांच”।






