गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश में गाजियाबाद जिले के ट्रिपल सुसाइड केस में एक नहीं कई सवाल खड़े हो रहे हैं। शुरुआती जांच में पुलिस को लड़कियों के कमरे से एक सुसाइड नोट भी मिला है। इस सुसाइड नोट में बेटियों ने अपने पिता के लिए लिखा, ‘सॉरी पापा… आई एम रियली सॉरी’। साथ में रोती हुई इमोजी भी बनाई है।
तीन बहनों ने एक साथ क्यों किया सुसाइड?
पुलिस की जांच में पता चला है कि इन तीनों बहनों को कोरियाई गेम खेलने की लत थी। ये तीनों बहनें पढ़ाई में भी कमजोर थी और कोरोना के बाद से इन्होंने पढ़ाई छोड़ दी थीं। जांच में यह भी सामने आया कि तीनों बहनें कोरियन कल्चर से प्रभावित थीं। खास बात यह है कि तीनों बहनें हमेशा एक साथ ही रहती थीं। इन तीनों में प्राची नाम की लड़की लीडर थी। वो जो भी कहती थी, सभी बहनें वही करती थीं।
पिता ने घर में फैलाया रिश्तों का जाल
चेतन नाम का व्यक्ति तीन साल पहले गाजियाबाद जिले के साहिबाबाद में टीला मोड़ क्षेत्र की भारत सिटी सोयायटी में परिवार के साथ रहने आया था। तभी से परिवार इसी सोसायटी में रहता है। चेतन ने एक नहीं बल्कि दो शादियां की हैं। शादियां भी अलग-अलग जगहों से नहीं बल्कि दोनों सगी बहनों से ही की है।
दूसरी शादी की क्यों आई नौबत?
पुलिस की जांच में पता चला है कि चेतन की पहली पत्नी को बच्चे नहीं हुए थे। बच्चे नहीं होने की वजह से पति-पत्नी परेशान रहते थे। इसके बाद चेतन ने पत्नी की सहमति से अपनी साली (पत्नी की छोटी बहन) से शादी कर ली। शादी के बाद दूसरी पत्नी ने बेटी को जन्म दिया तो घर में खुशी छा गई।
वहीं, कमाल तो तब हो गया जब इसी दौरान पहली पत्नी को भी बच्चा हो गया। पहली पत्नी ने भी पहले लड़की को ही जन्म दिया। लेकिन इसके बाद पहली पत्नी से एक बेटा भी हुआ, जिससे घर की खुशियां दोगुनी हो गईं। चेतन की पहली पत्नी ने कुल दो और दूसरी पत्नी ने कुल तीन बच्चों को जन्म दिया। इनमें पहली पत्नी से एक लड़की और एक लड़का, जबकि दूसरी पत्नी ने तीन बेटियों को जन्म दिया।
घर आती रहती थी सबसे छोटी साली
जांच में यह भी पता चला कि चेतन की सबसे छोटी साली (पत्नी की सबसे छोटी बहन) का भी आना-जाना लगा रहता था। सबसे छोटी साली शादीशुदा नहीं है। बताया गया कि घटना वाली रात में भी वो घर के अंदर ही थी।
मरने से पहले सुसाइड नोट में क्या लिखा?
पुलिस को मिले सुसाइड नोट में लिखा है, ‘जिंदगी की सच्ची कहानी (Trure Life Story), इस डायरी में जो कुछ भी लिखा है, वो सब पढ़ लो। क्योंकि ये सब सच है। अभी पढ़ो, सॉरी पापा… आई एम रियली सॉरी’। साथ में रोती हुई इमोजी भी बनाई है।
उधर, घटना के बाद से ही पीड़ित परिजनों ने खुद को कमरे के अंदर बंद किया हुआ था। इस मामले को लेकर परिजन किसी से भी बात नहीं कर रहे थे। वहीं, तीनों बहनों के शवों को सुबह 11 बजे पोस्टमॉर्टम हाउस लाया गया, लेकिन दोपहर तक भी परिजन पोस्टमॉर्टम हाउस नहीं पहुंचे। काफी देर बाद पिता पीएम हाउस पहुंचे हैं।
कोरियन मूवी देखती थीं तीनों बहनें
कोरियन गेम के साथ ही तीनों बहनें कोरियन मूवी और वेब सीरीज भी देखा करती थीं। कोरोना के बाद से तीनों बहनों ने पढ़ाई छोड़ दी थी। इसके बाद से ही तीनों बहनों को मोबाइल पर ऑनलाइन गेम खेलने की लत लगी। तीनों मृतकों की उम्र में सिर्फ दो-दो साल का गैप बताया गया है।
कोरियन स्क्विड गेम्स नाम की वेब सीरीज देख रहे बच्चे
कोरियन स्क्विड गेम्स नाम की वेब सीरीज भी आजकल बच्चे खूब देख रहे हैं। इसके दो भाग आ गए हैं। इस वेब सीरीज में लोगों को कई टास्क दिए जाते हैं। बताया कि आखिरी चरण तक एक ही व्यक्ति बचता है, जबिक बाकी सब धीरे-धीरे टास्क में हारने की वजह से मार दिए जाते हैं। आखिरी बचने वाले व्यक्ति को भारी भरकम रुपये दिए जाते हैं।
पूजा वाले कमरे की खिड़की से कूदी तीनों
पुलिस जांच में पता चला कि जिस खिड़की से तीनों बहनें कूदी हैं, उसमें सिर्फ बीच वाली खिड़की ही खुलती है। उसी खिड़की में से तीनों बहनें कूदी हैं। दो बहने एक साथ हाथ पकड़कर कूदी हैं, जबकि एक एक अकेले कूदी है। जिस कमरे से तीनों बहनें कूदी हैं, वह पूजा का कमरा है। जब तीनों बहनें कूदी थीं, तब ऐसा लगा कोई पटाखा फोड़ा गया हो। आवाज सुनकर पिता की नींद खुल गई। इसके बाद आसपास के लोग भी मौके पर पहुंचे। इस दिल दहला देने वाली घटना से पूरी सोसायटी में दहशत फैल गई है।







