सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला दिया है। यह देखते हुए कि किसी पुलिस अधिकारी के लिए ऐसा करना वैध है, मात्र इसलिए गिरफ्तारी नहीं की जा सकती।जांच एजेंसी को किसी आरोपी को पूछताछ के लिए हिरासत में नहीं लेना चाहिए और ऐसा तभी किया जाना चाहिए जब जांच के लिए यह जरूरी हो। सुप्रीम कोर्ट ने इसी के साथ गिरफ्तारी से जुड़ी भारतीय नागरिक संहिता ( BNSS ), 2023 की कई धाराओं की व्याख्या कर दी है।







