मिर्ज़ापुर। निराश्रित गोवंश के संरक्षण और संवर्धन को लेकर प्रदेश की योगी सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों से अब धरातल पर सकारात्मक बदलाव नजर आने लगा है। जिले 12 विकासखंडों में संचालित 49 गोवंश आश्रय स्थलों में 14435 गोवंश को संरक्षित किया गया है। वहीं, पशुपालकों के लिए मुख्यमंत्री निराश्रित गोवंश सहभागिता योजना भी वरदान साबित हो रही। इस योजना के तहत 1645 गोवंश को संरक्षित किया जा चुका है।
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर भूपेंद्र कुमार पाठक ने बताया कि मुख्यमंत्री निराश्रित गोवंश सहभागिता योजना के तहत अब तक 518 पशुपालकों को 1645 गोवंश को सुपुर्द कर संरक्षित किया गया है। इस योजना के तहत सरकार पशुपालकों को प्रति गोवंश 1500 रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में भेज रही है। बताया कि एक लाभार्थी अधिकतम 4 गोवंश अपने पास रख सकता है। इससे न केवल सड़कों पर घूमने वाले पशुओं को छत मिली है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा जिले में संचालित 49 गोवंश आश्रय स्थलों में 14435 गोवंश को संरक्षित किया गया है जहां पर गोवंश के चारा पानी इत्यादि की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। विभाग द्वारा आश्रय स्थल में बीमार गोवंश को इलाज भी उपलब्ध कराया जाता है।
गोवंश की सेवा करने का मिल रहा मौका
अटारी गांव के निवासी अजय कुमार ने बताया कि उन्हें इस योजना से बेसहारा गोवंश की सेवा करने का मौका मिला है। समय पर पैसा मिलने से इनके चारे-पानी की व्यवस्था भी आसानी से हो जाती है। वहीं, देवपुरा गांव निवासी लाभार्थी उषा भारती का कहना है कि यह योजना छोटे पशुपालकों के लिए बहुत मददगार है। इससे न केवल गोवंश का संरक्षण हो रहा है, बल्कि हमें आर्थिक सहारा भी मिल रहा है।






