यूपी में 2024 से अब तक 1,08,300 लोग लापता हुए हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश पुलिस ने इनमें से 9% से भी कम मामलों पर कार्रवाई की है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट बेंच ने लापता व्यक्तियों के मामलों में हो रही चौंकाने वाली देरी को लेकर यूपी पुलिस को कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने पाया कि कुछ मामलों में FIR दर्ज करने तक के लिए 17 महीने का इंतजार करना पड़ा।
1.08 लाख से अधिक शिकायतों के मुकाबले मात्र 9,700 मामलों में ही कार्रवाई हुई है। अदालत ने इसे ‘सिस्टम की विफलता’ करार दिया और उन नियमों पर भी सवाल उठाए जिनकी वजह से सीसीटीवी (CCTV) जैसे महत्वपूर्ण सबूत कुछ ही महीनों में मिटा दिए जाते हैं।







