मिर्ज़ापुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) से स्वास्थ्य व्यवस्था में गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां नवजात शिशुओं को अस्पताल के वार्डों के बजाय डॉक्टरों के निजी सरकारी आवास पर ‘अनट्रेंड’ बाहरी युवकों द्वारा इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। वायरल वीडियो कथित तौर पर राजगढ़ CHC के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पवन कुमार कश्यप के सरकारी आवास का बताया जा रहा है। वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि कुछ बाहरी युवक, जिन्हें चिकित्सा का कोई औपचारिक प्रशिक्षण प्राप्त नहीं है, मासूम बच्चों को इंजेक्शन लगा रहे हैं। अस्पताल परिसर के भीतर ही इस तरह की गतिविधियों का चलना स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
भारत सरकार ‘मिशन इंद्रधनुष’ के तहत देश के हर बच्चे तक सुरक्षित टीकाकरण पहुँचाने का प्रयास कर रही है। हालांकि, राजगढ़ में सामने आई यह लापरवाही इस मिशन की गंभीरता को प्रभावित करती है। नियमानुसार, टीकाकरण केवल प्रशिक्षित नर्सों या ANM (सहायक नर्स मिडवाइफ) द्वारा ही अस्पताल के निर्धारित कक्ष में किया जाना चाहिए। अनट्रेंड व्यक्ति द्वारा गलत इंजेक्शन लगाने से बच्चों को संक्रमण या जानलेवा प्रतिक्रिया का खतरा हो सकता है।
वीडियो वायरल होने के बाद क्षेत्र की जनता में भारी आक्रोश है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि जिम्मेदार अधिकारी ही अपने आवास पर ऐसी लापरवाही को बढ़ावा देंगे, तो गरीब मरीज अस्पताल पर कैसे भरोसा करेंगे। घटना के बाद से जिला स्वास्थ्य प्रशासन बचाव की मुद्रा में है और मामले की जांच की बात कह रहा है। एक स्थानीय नागरिक ने इसे “केवल लापरवाही नहीं, बल्कि आपराधिक कृत्य” बताते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
इस मामले में कई मुख्य बिंदु जांच के घेरे में हैं। इनमें बाहरी लड़कों को इंजेक्शन लगाने की अनुमति किसने दी, क्या चिकित्सा अधीक्षक की जानकारी में यह सब उनके आवास पर हो रहा था, और क्या इसके पीछे कोई अवैध वसूली या कमीशन का खेल चल रहा था, जैसे प्रश्न शामिल हैं।







