पटना। राज्यसभा चुनाव में मिली जीत के एक दिन बाद ही नीतीश कुमार को बड़ा झटका लगा है। जेडीयू के सलाहकार और पूर्व राज्यसभा सांसद के.सी. त्यागी ने मंगलवार को पार्टी छोड़ दी।
सियासी गलियारों में चर्चा है कि वह जल्द ही अन्य पार्टी में शामिल हो सकते हैं। माना जा रहा है कि वह बिहार छोड़ अब उत्तर प्रदेश की राजनीति में ज्यादा सक्रिय रूप से दिखाई देंगे।
बता दें कि केसी त्यागी 2003 में समता पार्टी के साथ जेडीयू के विलय के बाद से ही इससे जुड़े हुए थे। वह जदयू के मुख्य राष्ट्रीय प्रवक्ता और राष्ट्रीय महासचिव के रूप में कार्य कर चुके हैं।
केसी त्यागी ने जारी किया बयान
एक लिखित बयान में उन्होंने कहा, “जेडीयू का गठन 30 अक्टूबर, 2003 को समता पार्टी और जनता दल के विलय से हुआ था। जॉर्ज फर्नांडीस इसके अध्यक्ष थे और मैंने पार्टी के महासचिव के रूप में उनके साथ काम किया। मैंने शरद यादव और नीतीश कुमार के साथ पार्टी अध्यक्ष के रूप में काम किया, और पार्टी के मुख्य महासचिव, मुख्य प्रवक्ता और राजनीतिक सलाहकार के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं।”उन्होंने आगे कहा, “पार्टी का सदस्यता अभियान समाप्त हो चुका है और इस बार मैंने अपनी सदस्यता का नवीनीकरण नहीं कराया है। दलितों, किसानों और कृषि श्रमिकों, जिनमें समाज के वंचित वर्ग भी शामिल हैं, के हितों से संबंधित व्यापक वैचारिक मुद्दों के प्रति मेरी प्रतिबद्धता पहले की तरह ही दृढ़ है। नीतीश कुमार के प्रति मेरा व्यक्तिगत सम्मान भी अपरिवर्तित है, जो लगभग आधी सदी तक मेरे साथी रहे।”
22 मार्च को बताएंगे फ्यूचर प्लान
बता दें कि केसी त्यागी ने पत्र जारी कर बताया है कि वह 22 मार्च को नई दिल्ली में आयोजित होने वाली बैठक में अपनी फ्यूचर पॉलिटिकल प्लानिंग का खुलासा कर सकते हैं। त्यागी ने कहा कि उनकी राजनीति में कोई वैचारिक बदलाव नहीं होगा, क्योंकि वे डॉ. राममनोहर लोहिया, चरण सिंह और कर्पूरी ठाकुर के विचारों से प्रेरित होते रहेंगे।
गौरतलब है कि एक साल पहले राष्ट्रीय प्रवक्ता पद से हटाए जाने के बाद पार्टी में केसी त्यागी की भूमिका काफी कम हो गई थी। पार्टी ने कई बार उनके बयानों से खुद को अलग कर लिया था। पार्टी ने हाल ही में नीतीश कुमार के लिए भारत रत्न की उनकी एकतरफा मांग पर भी कड़ी आपत्ति जताई थी।






