अमेरिकी सेना ने कैरेबियन सागर में ड्रग्स तस्करी में शामिल होने के संदेह वाली एक नाव पर हमला किया, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई लैटिन अमेरिका में कथित ड्रग तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। शनिवार की इस कार्रवाई के बाद अमेरिकी सैन्य नाव हमलों में मरने वालों की संख्या कम से कम 231 हो गई है और अब तक 69 हमले किए जा चुके हैं।
अमेरिकी दक्षिणी कमान ने कहा कि जिस नाव को निशाना बनाया गया, वह ड्रग तस्करी के लिए इस्तेमाल होने वाले समुद्री रास्ते पर चल रही थी। हालांकि, सेना ने यह सार्वजनिक रूप से कोई प्रत्यक्ष सबूत पेश नहीं किया कि नाव में ड्रग्स मौजूद थे। उपलब्ध वीडियो में एक चलती हुई नाव के बाद विस्फोट जैसा दृश्य दिखाई देता है।
ट्रंप प्रशासन का ड्रग तस्करों के खिलाफ अभियान
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन इस अभियान को लैटिन अमेरिका में कथित ‘नार्कोटेररिस्ट’ और ड्रग तस्करी नेटवर्क के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के रूप में पेश कर रहा है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इन कार्रवाइयों का उद्देश्य अमेरिका में पहुंचने वाले ड्रग्स के प्रवाह को रोकना है।
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने इससे पहले क्षेत्रीय देशों के साथ संयुक्त अभियानों की दिशा में सहयोग की बात कही थी। अमेरिकी प्रशासन के अनुसार होंडुरास और ग्वाटेमाला ने संयुक्त अभियानों में भागीदारी की इच्छा जताई है, जबकि ग्वाटेमाला ने ऐसे किसी समझौते से इनकार किया है।
ग्वाटेमाला ने समझौते से किया इनकार
हेगसेथ ने अगस्त में कहा था कि होंडुरास और ग्वाटेमाला ने अपने देशों में अमेरिकी बलों के साथ संयुक्त कार्रवाई की अनुमति दी है। हालांकि, ग्वाटेमाला सरकार ने इस दावे से इनकार किया है और कहा है कि ऐसे अभियानों के लिए उसकी ओर से कोई समझौता नहीं हुआ है।
मानवाधिकार संगठनों ने इन समुद्री हमलों की वैधता और पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं। Human Rights Watch ने सितंबर की शुरुआत में 69 हमलों में 227 मौतों का आंकड़ा देते हुए इन्हें अंतरराष्ट्रीय कानून के संदर्भ में गैरकानूनी बताया था; शनिवार के ताजा हमले के बाद समाचार एजेंसियों द्वारा बताई गई मौतों की संख्या कम से कम 231 हो गई है







