जौनपुर। जिले में एक छोटे से गांव शेरवा धोबहा (या देवपुर धोबहा) के युवा शुभम सिंह चंदेल ने संघ लोक सेवा आयोग UPSC की सिविल सेवा परीक्षा में 378वीं रैंक हासिल की है। इस सफलता से उन्होंने IAS अधिकारी बनने का सपना पूरा किया है। उनकी यह उपलब्धि न सिर्फ परिवार के लिए, बल्कि पूरे जिले और क्षेत्र के लिए गर्व की बात है।
क्या करता है शुभम का परिवार?
शुभम सिंह चंदेल के पिता का नाम दीनानाथ सिंह ‘छेदी’ है। वे एक साधारण ग्रामीण परिवार से हैं और सिकरारा क्षेत्र में सोशल ऑडिटर के रूप में काम करते हैं। परिवार में सीमित संसाधन होने के बावजूद दीनानाथ जी ने बच्चों की शिक्षा को सबसे ऊपर रखा। उन्होंने हमेशा शुभम को पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित किया और त्याग करके उनका साथ दिया। शुभम की सफलता में पिता का निरंतर प्रोत्साहन और मेहनत बहुत बड़ी भूमिका निभाई है।
शिक्षा और तैयारी की यात्रा
शुभम ने शुरुआती शिक्षा सेंट पैट्रिक्स स्कूल से पूरी की। उसके बाद उन्होंने IIT धनबाद से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। इंजीनियरिंग के बाद उन्होंने समाज सेवा की भावना से UPSC की तैयारी शुरू की। दिल्ली में रहकर उन्होंने कड़ी मेहनत की। यह उनकी सफलता पांचवें प्रयास में आई। पहले चार प्रयासों में असफलता मिली, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। धैर्य और लगन से उन्होंने अपनी कमियों को सुधारा और लक्ष्य हासिल किया।
शुभम का संदेश
सफलता पर शुभम ने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। निरंतर मेहनत करनी पड़ती है। अपनी कमियों को पहचानकर उनमें सुधार करना जरूरी है। अगर ईमानदारी से प्रयास करें, तो ग्रामीण पृष्ठभूमि बाधा नहीं बनती, बल्कि ताकत बन जाती है।
गांव में जश्न का माहौल
जैसे ही शुभम की रैंक की खबर गांव पहुंची, शेरवा धोबहा में दीपावली जैसा उत्सव छा गया। ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़े बजाए, मिठाइयां बांटीं और खुशी मनाई। क्षेत्र के लोग कहते हैं कि शुभम ने साबित कर दिया है कि प्रतिभा को बड़े शहर या महंगे संसाधनों की जरूरत नहीं होती। मेहनत और इच्छाशक्ति से कोई भी बड़ा मुकाम हासिल कर सकता है।
बाहुबली को है शुभम पर गर्व
जौनपुर के बाहुबली नेता धनंजय सिंह ने एक्स पर शुभम को बधाई दी। उन्होंने लिखा कि प्रिय भतीजे शुभम पुत्र श्री दीनानाथ सिंह ने UPSC में 378 रैंक प्राप्त की है। पूरे क्षेत्र को तुम पर गर्व है। जो उम्मीद थी, वो तुमने कर दिखाया। ढेर सारा प्यार और शुभाशीष।






